03 - Kavita in Hindi

Written by Smt Varshaji Gehlot of Mt Abu

अबकी आकाश ने जब दिया

      सुनहरा अवकाश ......

सर सर करके कलम चली,

      न रुके विचार .......

      प्रकट करती गयी

      नव - नव प्रकाश

और आप होते गये

      पास से भी पास।

दिया आकाश ने अवकाश।।